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mahabharat 13.135.17: जब मनुष्य प्रेत लोक में जाता है, तब सूर्य भगवान उसे ये सभी वस्तुएं प्रदान करते हैं और पुण्यात्मा मनुष्य परलोक में उन वस्तुओं का भोग करता है।   |   mahabharat अध्याय 13.135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.135.17 
प्रेतलोकं गते मर्त्ये तत् तत् सर्वं विभावसु:।
प्रतिजानाति पुण्यात्मा तच्च तत्रोपयुज्यते॥ १७॥
 
 
अनुवाद
जब मनुष्य प्रेत लोक में जाता है, तब सूर्य भगवान उसे ये सभी वस्तुएं प्रदान करते हैं और पुण्यात्मा मनुष्य परलोक में उन वस्तुओं का भोग करता है।
 
When a man goes to the ghost world, the Sun God offers him all these things and the virtuous man enjoys those things in the next world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)