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न हि पुण्यं तथा पापं कृतं किंचिद् विनश्यति।
पर्वकाले च यत् किंचिदादित्यं चाधितिष्ठति॥ १६॥
अनुवाद
मनुष्य द्वारा किया गया कोई भी पुण्य या पाप, भोगे बिना नष्ट नहीं होता। पर्व काल में जो भी दान किया जाता है, वह सब सूर्य देव तक पहुँचता है।
Any good deed or sin committed by a man is not destroyed without being suffered. Whatever donation is made during the festival period, it all reaches the Sun God.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥