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श्लोक  13.135.14 
यम उवाच
रमणीया कथा दिव्या युष्मत्तो या मया श्रुता।
श्रूयतां चित्रगुप्तस्य भाषितं मम च प्रियम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यमराज बोले, "हे देवताओं और ऋषियों! मैंने आप लोगों से एक दिव्य और सुंदर कथा सुनी है। अब चित्रगुप्त और मेरी प्रिय वाणी सुनिए।"
 
Yamraj said, 'O Gods and sages! I have heard a divine and beautiful story from you all. Now listen to Chitragupt's and my favourite speech.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)