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mahabharat 13.135.12: यह सुनकर देवता, पितर और समस्त प्राणी अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन सबने देवी अरुन्धती का हार्दिक अभिनन्दन किया और उनकी स्तुति की।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 13.135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.135.12 
साधु साध्विति चोद्दिष्टं दैवतै: पितृभिस्तथा।
भूतैश्चैव सुसंहृष्टै: पूजिता साप्यरुन्धती॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर देवता, पितर और समस्त प्राणी अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन सबने देवी अरुन्धती का हार्दिक अभिनन्दन किया और उनकी स्तुति की।॥12॥
 
Hearing this, the gods, ancestors and all living beings became very happy. They all congratulated them and praised Goddess Arundhati profusely.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)