Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.133.10-11: इस प्रकार मैंने धर्म और अधर्म का रहस्य सहित वर्णन किया है। इससे स्वर्ग की इच्छा रखने वालों को मृत्यु के बाद स्वर्गीय सुख प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। | mahabharat अध्याय 13.133: वायुके द्वारा धर्माधर्मके रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार मैंने धर्म और अधर्म का रहस्य सहित वर्णन किया है। इससे स्वर्ग की इच्छा रखने वालों को मृत्यु के बाद स्वर्गीय सुख प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
In this way I described Dharma and Adharma along with their secrets. It will help the people who wish for heaven to attain heavenly happiness after death.
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि देवरहस्ये अष्टाविंशत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १२८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें देवताओंका रहस्यविषयक एक सौ अट्ठाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १२८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥