Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.132.1-2: अग्निदेव बोले- जो मनुष्य पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय के समय चन्द्रमा की ओर मुख करके जल से भरी अंजलि में घी और साबुत चावल डालकर अर्घ्य देता है, उसने अग्निहोत्र का कर्म पूर्ण कर लिया है। उसने गार्हपत्य सहित तीनों अग्नियों में आहुति दे दी है।॥1-2॥ | mahabharat अध्याय 13.132: अग्नि, लक्ष्मी, अंगिरा, गार्ग्य, धौम्य तथा जमदग्निके द्वारा धर्मके रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्निदेव बोले- जो मनुष्य पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय के समय चन्द्रमा की ओर मुख करके जल से भरी अंजलि में घी और साबुत चावल डालकर अर्घ्य देता है, उसने अग्निहोत्र का कर्म पूर्ण कर लिया है। उसने गार्हपत्य सहित तीनों अग्नियों में आहुति दे दी है।॥1-2॥
Agnidev said- The person who faces the moon at the time of moonrise on the full moon day and offers it an anjali full of water along with ghee and whole rice grains has completed the act of Agnihotra. He has offered oblations to the three fires including Garhapatya.॥ 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥