Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.131.43-44h: उनमें ब्रह्मवेत्ताओं में श्रेष्ठ वसिष्ठ मुनि ने समस्त प्राणियों के लिए तथा विशेषतः ब्राह्मण और क्षत्रिय जाति के लिए हितकर एक प्रश्न पूछा -॥43 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  13.131.43-44h 
उवाच वचनं तेषां वसिष्ठो ब्रह्मवित्तम:॥ ४३॥
सर्वप्राणिहितं प्रश्नं ब्रह्मक्षत्रे विशेषत:।
 
 
अनुवाद
उनमें ब्रह्मवेत्ताओं में श्रेष्ठ वसिष्ठ मुनि ने समस्त प्राणियों के लिए तथा विशेषतः ब्राह्मण और क्षत्रिय जाति के लिए हितकर एक प्रश्न पूछा -॥43 1/2॥
 
Among them, Vasistha Muni, the best among the Brahma experts, posed a question beneficial for all living beings and especially for the Brahmin and Kshatriya caste -॥ 43 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)