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mahabharat 13.131.35-37: विश्वामित्र बोले, "हे देवताओं! धर्म के इस परम गोपनीय वचन को सुनो। भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को जब मघा नक्षत्र विद्यमान हो, उस समय कुतप काल (मध्याह्न के बाद का आठवां मुहूर्त) में जब हाथी की छाया पूर्व दिशा में पड़ रही हो, उस छाया में स्थित होकर जो मनुष्य दक्षिणाभिमुख होकर पितरों के निमित्त उत्तम अन्न का दान करता है, उस दान का विस्तृत फल सुनो। दान करने वाले मनुष्य ने इस लोक में तेरह वर्षों तक पितरों का महाश्राद्ध पूर्ण कर लिया, ऐसा जानना चाहिए।"   |   mahabharat अध्याय 13.131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन  »  श्लोक 35-37
 
 
श्लोक  13.131.35-37 
विश्वामित्र उवाच
श्रूयतां परमं गुह्यं रहस्यं धर्मसंहितम्।
परमान्नेन यो दद्यात् पितॄणामौपहारिकम्॥ ३५॥
गजच्छायायां पूर्वस्यां कुतपे दक्षिणामुख:।
यदा भाद्रपदे मासि भवते बहुले मघा॥ ३६॥
श्रूयतां तस्य दानस्य यादृशो गुणविस्तर:।
कृतं तेन महच्छ्राद्धं वर्षाणीह त्रयोदश॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
विश्वामित्र बोले, "हे देवताओं! धर्म के इस परम गोपनीय वचन को सुनो। भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी तिथि को जब मघा नक्षत्र विद्यमान हो, उस समय कुतप काल (मध्याह्न के बाद का आठवां मुहूर्त) में जब हाथी की छाया पूर्व दिशा में पड़ रही हो, उस छाया में स्थित होकर जो मनुष्य दक्षिणाभिमुख होकर पितरों के निमित्त उत्तम अन्न का दान करता है, उस दान का विस्तृत फल सुनो। दान करने वाले मनुष्य ने इस लोक में तेरह वर्षों तक पितरों का महाश्राद्ध पूर्ण कर लिया, ऐसा जानना चाहिए।"
 
Vishwamitra said, "O Gods! Listen to this most secret of religion. When the Magha nakshatra is present on the Trayodashi tithi in the dark fortnight of the Bhadrapad month, at that time, a person who is facing south during the Kutap period (the eighth muhurta after midday) when the shadow of an elephant is falling towards the east, and who is situated in that shadow, donates good food as a gift for the ancestors, listen to the detailed benefits of that donation. It should be known that the person who donates has completed the great shraddha of the ancestors for thirteen years in this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)