Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.131.29-30h: अग्निदेव बोले - मैं तुम लोगों से उस मूर्ख व्यक्ति के दोष कह रहा हूँ जो गौ, सौभाग्यशाली ब्राह्मण तथा जलती हुई अग्नि को लात मारता है। तुम सब लोग ध्यानपूर्वक सुनो। 29 1/2 | mahabharat अध्याय 13.131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्निरुवाच
पादमुद्यम्य यो मर्त्य: स्पृशेद् गाश्च सुदुर्मति:।
ब्राह्मणं वा महाभागं दीप्यमानं तथानलम्॥ २९॥
तस्य दोषान् प्रवक्ष्यामि तच्छृणुध्वं समाहिता:।
अनुवाद
अग्निदेव बोले - मैं तुम लोगों से उस मूर्ख व्यक्ति के दोष कह रहा हूँ जो गौ, सौभाग्यशाली ब्राह्मण तथा जलती हुई अग्नि को लात मारता है। तुम सब लोग ध्यानपूर्वक सुनो। 29 1/2
Agni said - I am telling you the faults of the foolish person who kicks a cow, a fortunate Brahmin or a burning fire. All of you listen with full attention. 29 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥