Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.131.19: तपस्वी पुरुष आगे या पीछे से आने वाले सभी भयंकर पशुओं को त्याग देते हैं - उन्हें छोड़कर चले जाते हैं। इसी प्रकार संकट के समय भी वे सदैव बची हुई वस्तुओं को त्याग देते हैं॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपस्वी पुरुष आगे या पीछे से आने वाले सभी भयंकर पशुओं को त्याग देते हैं - उन्हें छोड़कर चले जाते हैं। इसी प्रकार संकट के समय भी वे सदैव बची हुई वस्तुओं को त्याग देते हैं॥19॥
The ascetic men abandon all the ferocious animals coming from the front or the back - they leave them and move away. Similarly, in times of crisis also they always abandon the left over things.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥