Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.131.11-12: भीष्म कहते हैं - राजन! तब भगवान विष्णु मुस्कुराए और बोले - 'देवराज! मैंने अपने चक्र से दैत्यों का संहार किया है। मैंने दोनों पैरों से पृथ्वी पर प्रहार किया है। मैंने वराह रूप धारण करके दैत्य हिरण्याक्ष का वध किया है और मैंने वामन ब्राह्मण का रूप धारण करके राजा बलि को पराजित किया है।' | mahabharat अध्याय 13.131: विष्णु, बलदेव, देवगण, धर्म, अग्नि, विश्वामित्र, गोसमुदाय और ब्रह्माजीके द्वारा धर्मके गूढ़ रहस्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - राजन! तब भगवान विष्णु मुस्कुराए और बोले - 'देवराज! मैंने अपने चक्र से दैत्यों का संहार किया है। मैंने दोनों पैरों से पृथ्वी पर प्रहार किया है। मैंने वराह रूप धारण करके दैत्य हिरण्याक्ष का वध किया है और मैंने वामन ब्राह्मण का रूप धारण करके राजा बलि को पराजित किया है।'
Bhishma says - King! Then Lord Vishnu smiled and said - 'Devraj! I have killed the demons with my discus. I have attacked the earth with both feet. I have killed the demon Hiranyaksha by assuming the form of Varaah and I have defeated King Bali by assuming the form of Vaman Brahmin.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥