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mahabharat 13.130.75-76h: जो लोग अपने पूर्वजों पर विश्वास रखते हैं और संतान उत्पन्न करते हैं, वे अपने पूर्वजों को इस कठिन नरक से बचा लेते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद  »  श्लोक 75-76h
 
 
श्लोक  13.130.75-76h 
श्रद्दधानाश्च ये मर्त्या आहरिष्यन्ति संततिम्॥ ७५॥
दुर्गात् ते तारयिष्यन्ति नरकात् प्रपितामहान्।
 
 
अनुवाद
जो लोग अपने पूर्वजों पर विश्वास रखते हैं और संतान उत्पन्न करते हैं, वे अपने पूर्वजों को इस कठिन नरक से बचा लेते हैं।
 
Those people who have faith in their forefathers and produce children, they will rescue their forefathers from this difficult hell.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)