Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.130.73-74h: नीलकंठ को मुक्त करने से, अमावस्या के दिन तिल मिश्रित जल अर्पित करने से तथा वर्षा ऋतु में पितरों के निमित्त दीपक जलाने से मनुष्य ऋण से मुक्त हो सकता है। | mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नीलकंठ को मुक्त करने से, अमावस्या के दिन तिल मिश्रित जल अर्पित करने से तथा वर्षा ऋतु में पितरों के निमित्त दीपक जलाने से मनुष्य ऋण से मुक्त हो सकता है।
By releasing a blue bull, by offering water mixed with sesame seeds on the new moon day and by lighting lamps for ancestors during rainy season, a man can be freed from his debt.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥