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mahabharat 13.130.69-70h: तब मरुतगणों सहित समस्त महाभाग्यवान देवताओं और परम भाग्यवान ऋषियों ने पितरों से पूछा -॥69 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  13.130.69-70h 
तत: सर्वा महाभाग देवता: समरुद्‍गणा:॥ ६९॥
ऋषयश्च महाभागा: पृच्छन्ति स्म पितॄंस्तत:।
 
 
अनुवाद
तब मरुतगणों सहित समस्त महाभाग्यवान देवताओं और परम भाग्यवान ऋषियों ने पितरों से पूछा -॥69 1/2॥
 
Then all the greatly fortunate gods including the Marutganas and the extremely fortunate sages asked the ancestors -॥ 69 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)