Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.130.5: राजन! बिना किसी प्रयास के महान कर्म करने वाले, नियम का पालन करने वाले और योगयुक्त यमराज ने महान तप के फलस्वरूप इस दिव्य रहस्य को प्राप्त किया था॥5॥ | mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! बिना किसी प्रयास के महान कर्म करने वाले, नियम का पालन करने वाले और योगयुक्त यमराज ने महान तप के फलस्वरूप इस दिव्य रहस्य को प्राप्त किया था॥5॥
Rajan! Yama, who performed great deeds without any effort, being a follower of rules and having yoga, had attained this divine secret as a result of great penance. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥