Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.130.40: अग्नि में डाली जाने वाली हविओं के विषय में मुझसे सीखो। इससे पितर तृप्त होते हैं और तृप्त होकर वे मनुष्य की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं ॥40॥ | mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्नि में डाली जाने वाली हविओं के विषय में मुझसे सीखो। इससे पितर तृप्त होते हैं और तृप्त होकर वे मनुष्य की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं ॥40॥
Learn from me about the offerings that are put into the fire. The ancestors are satisfied by this and being satisfied they fulfill all the desires of the man. ॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥