Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.130.4: भीष्म बोले - राजन! हे भरतपुत्र! मैं तुम्हें धर्म का वह गूढ़ रहस्य बता रहा हूँ, जो भगवान वेदव्यास ने पूर्वकाल में मुझसे कहा था। तुम ध्यानपूर्वक सुनो। | mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
शृणुष्वावहितो राजन् धर्मगुह्यानि भारत।
यथा हि भगवान् व्यास: पुरा कथितवान्मयि ॥ ४॥
अनुवाद
भीष्म बोले - राजन! हे भरतपुत्र! मैं तुम्हें धर्म का वह गूढ़ रहस्य बता रहा हूँ, जो भगवान वेदव्यास ने पूर्वकाल में मुझसे कहा था। तुम ध्यानपूर्वक सुनो।
Bhishma said - King! O son of Bharata! I am describing to you the profound secrets of Dharma which Lord Vedavyasa had told me in the past. Listen carefully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥