Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.130.39: इसी प्रकार जब श्राद्धकर्ता की पत्नी गुरुजनों की आज्ञा से मध्यम पिण्ड खाती है, तब पितामह प्रसन्न होकर पुत्र चाहने वाले पुरुष को पुत्र प्रदान करते हैं ॥39॥ | mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार जब श्राद्धकर्ता की पत्नी गुरुजनों की आज्ञा से मध्यम पिण्ड खाती है, तब पितामह प्रसन्न होकर पुत्र चाहने वाले पुरुष को पुत्र प्रदान करते हैं ॥39॥
Similarly, when the wife of the Shraddha performer eats Madhyam Pinda on the orders of her gurus, the grandfather is pleased and grants a son to the man who wishes to have a son. 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥