Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.130.36-37: उन्होंने भगवान विष्णु से तीनों शरीरों की गति सुनकर श्राद्ध का रहस्य जान लिया है। देवदूत! श्राद्ध विधि के निर्णय के अनुसार तुम्हें तीनों शरीरों की गति बताई जा रही है। मेरी बात ध्यानपूर्वक सुनो। 36-37।   |   mahabharat अध्याय 13.130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 130: श्राद्धके विषयमें देवदूत और पितरोंका, पापोंसे छूटनेके विषयमें महर्षि विद्युत्प्रभ और इन्द्रका, धर्मके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका तथा वृषोत्सर्ग आदिके विषयमें देवताओं, ऋषियों और पितरोंका संवाद  »  श्लोक 36-37
 
 
श्लोक  13.130.36-37 
त्रयाणामपि पिण्डानां श्रुत्वा भगवतो गतिम्॥ ३६॥
देवदूतेन य: पृष्ट: श्राद्धस्य विधिनिश्चय:।
गतिं त्रयाणां पिण्डानां शृणुष्वावहितो मम॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने भगवान विष्णु से तीनों शरीरों की गति सुनकर श्राद्ध का रहस्य जान लिया है। देवदूत! श्राद्ध विधि के निर्णय के अनुसार तुम्हें तीनों शरीरों की गति बताई जा रही है। मेरी बात ध्यानपूर्वक सुनो। 36-37।
 
He has learnt the secret of Shraddha by listening to the movements of the three bodies from Lord Vishnu. Angel! The movements of the three bodies are being explained to you as per the decision about the Shraddha Vidhi. Listen to me carefully. 36-37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)