श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना  »  श्लोक d9
 
 
श्लोक  13.129.d9 
नारायण: परं ब्रह्म तत्त्वं नारायण: पर:।
परादपि परश्चासौ तस्मान्नास्ति परात् परम्॥
 
 
अनुवाद
नारायण ही परम ब्रह्म हैं, परम पुरुष हैं। नारायण ही पूर्ण तत्व हैं, वे परब्रह्म से परे हैं। उनके अतिरिक्त कोई अन्य परम तत्व नहीं है।
 
Narayana is the Supreme Brahman, the Supreme Person Narayana is the complete element, he is beyond the other. There is no other supreme element except him.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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