Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.d28: यह भी हो सकता है कि किसी ने आपकी पत्नी का अपहरण कर लिया हो। या आप बूढ़े हो गए हों या दुनिया के लोग आपसे घृणा करने लगे हों। या आप अज्ञानतावश बड़े हुए हों और इसीलिए चिंता के कारण आपका शरीर सफेद और दुर्बल हो गया हो। | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हृतदारोऽथ वृद्धो वा लोके द्विष्टोऽथ वा नरै:।
अविज्ञानेन वा वृद्धस्तेनासि हरिण: कृश:॥
अनुवाद
यह भी हो सकता है कि किसी ने आपकी पत्नी का अपहरण कर लिया हो। या आप बूढ़े हो गए हों या दुनिया के लोग आपसे घृणा करने लगे हों। या आप अज्ञानतावश बड़े हुए हों और इसीलिए चिंता के कारण आपका शरीर सफेद और दुर्बल हो गया हो।
It is also possible that someone has kidnapped your wife. Or you have grown old or the people of the world have started hating you. Or you have grown up through ignorance and hence your body has become white and weak due to worry.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥