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mahabharat 13.129.d10: इन्हें वासुदेव, विष्णु और आत्मा भी कहा जाता है। नामों में भेद होने के कारण सभी शास्त्रों में केवल नारायण का ही वर्णन मिलता है।   |   mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना  »  श्लोक d10
 
 
श्लोक  13.129.d10 
वासुदेवं तथा विष्णुमात्मानं च तथा विदु:।
संज्ञाभेदै: स एवैक: सर्वशास्त्राभिसंस्कृत:॥
 
 
अनुवाद
इन्हें वासुदेव, विष्णु और आत्मा भी कहा जाता है। नामों में भेद होने के कारण सभी शास्त्रों में केवल नारायण का ही वर्णन मिलता है।
 
He is also known as Vasudev, Vishnu and Atma. Due to difference in names only Narayana is described in all the scriptures.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)