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mahabharat 13.129.30: आपने कुछ ऐसा काम किया जिसका आपको लंबे समय से मनचाहा परिणाम मिलने वाला था, लेकिन आपको वह नहीं मिला और दूसरों ने उसे छीन लिया। इसीलिए आपके शरीर की चमक फीकी पड़ गई है और आप दिन-ब-दिन पतले होते जा रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  13.129.30 
चिराभिलषितं किंचित्फलमप्राप्तमेव ते।
कृतमन्यैरपहृतं तेनासि हरिण: कृश:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
आपने कुछ ऐसा काम किया जिसका आपको लंबे समय से मनचाहा परिणाम मिलने वाला था, लेकिन आपको वह नहीं मिला और दूसरों ने उसे छीन लिया। इसीलिए आपके शरीर की चमक फीकी पड़ गई है और आप दिन-ब-दिन पतले होते जा रहे हैं।
 
You did some work for which you were going to get the desired result for a long time, but you did not get it and others took it away. That is why the glow of your body has faded and you are becoming thinner day by day. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)