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mahabharat 13.129.23: ज़रूर आप अमीरों के बीच सबसे अच्छी और सबसे सामयिक बात कहते होंगे, लेकिन हो सकता है उन्हें पसंद न आए। इसीलिए आप गोरे और कमज़ोर होते जा रहे हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.129.23 
नूनमर्थवतां मध्ये तव वाक्यमनुत्तमम्।
न भाति कालेऽभिहितं तेनासि हरिण: कृश:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
ज़रूर आप अमीरों के बीच सबसे अच्छी और सबसे सामयिक बात कहते होंगे, लेकिन हो सकता है उन्हें पसंद न आए। इसीलिए आप गोरे और कमज़ोर होते जा रहे हैं।
 
Surely you must be saying the best and the most timely thing among the rich, but they may not like it. That is why you are becoming white and weak.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)