Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.14: हे साधु! जब तुम विनयपूर्वक अपने शरीर को कष्ट देकर किसी का उपकार करते हो, तब वह समझता है कि तुम अपने ही बल से पराजित हो गए हो; इसीलिए तुम दुबले-पतले और गोरे होते जा रहे हो॥ 14॥ | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे साधु! जब तुम विनयपूर्वक अपने शरीर को कष्ट देकर किसी का उपकार करते हो, तब वह समझता है कि तुम अपने ही बल से पराजित हो गए हो; इसीलिए तुम दुबले-पतले और गोरे होते जा रहे हो॥ 14॥
O Sadhu! When you do a favour to someone by hurting your body out of politeness, then he thinks that you have been defeated by your own strength; that is why you are becoming thin and white.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥