श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  13.128.6 
न त्वमल्पेन तपसा दानेन नियमेन वा।
इमं लोकमनुप्राप्ता त्वं हि तत्त्वं वदस्व मे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तुम कोई तप, कोई दान या कोई छोटा-मोटा नियम पालन करके इस संसार में नहीं आए हो। इसलिए मुझे अपनी साधना के बारे में सच-सच बताओ।'
 
‘You have not come to this world by doing some penance, some charity or by following some small rules. So tell me the truth about your sadhana.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)