श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.128.3 
केन वृत्तेन कल्याणि समाचारेण केन वा।
विधूय सर्वपापानि देवलोकं त्वमागता॥ ३॥
 
 
अनुवाद
कल्याणी! किस आचरण के प्रभाव से तुमने समस्त पापों का नाश करके देवलोक में प्रवेश किया है? 3॥
 
Kalyani! By the influence of which behavior or good conduct have you destroyed all the sins and entered the world of gods? 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)