श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  13.128.21 
भीष्म उवाच
एतदाख्याय सा देवी सुमनायै तपस्विनी।
पतिधर्मं महाभागा जगामादर्शनं तदा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं - युधिष्ठिर! इस प्रकार सुमना को पतिव्रत धर्म का उपदेश देकर तपस्वी महाभाग शाण्डिली देवी तुरन्त वहाँ अन्तर्धान हो गईं ॥21॥
 
Bhishmaji says – Yudhishthir! Having thus preached the duty of patriotism to Sumana, the ascetic Mahabhaga Shandili Devi immediately disappeared there. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)