श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.128.2 
भीष्म उवाच
सर्वज्ञां सर्वतत्त्वज्ञां देवलोके मनस्विनीम्।
कैकेयी सुमना नाम शाण्डिलीं पर्यपृच्छत॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी बोले - राजन! देवताओं के लोक के विषय में केकयराज की पुत्री सुमना ने सर्वज्ञ तथा मन-बुद्धि वाली, सम्पूर्ण तत्त्वों को जानने वाली शाण्डी देवी से इस प्रकार पूछा - 2॥
 
Bhishmaji said – King! As for the world of Gods, Kekayraj's daughter Sumana asked the omniscient and mind-wisdom Shandi Devi, who knows all the elements, in this way - 2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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