नायासयामि भर्तारं कुटुम्बार्थेऽपि सर्वदा।
गुप्तगुह्या सदा चास्मि सुसम्मृष्टनिवेशना॥ १९॥
अनुवाद
‘मैंने कभी भी उन्हें कुटुम्ब के पालन-पोषण के काम के लिए भी परेशान नहीं किया। मैंने सदैव घर का भेद छिपाकर रखा और घर-आँगन को झाड़-बुहारकर स्वच्छ रखा।॥19॥
‘I never bothered them even for the work of looking after the family. I always kept the secrets of the house hidden and kept the house and courtyard clean by sweeping them.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥