श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.128.1 
युधिष्ठिर उवाच
सत्स्त्रीणां समुदाचारं सर्वधर्मविदां वर।
श्रोतुमिच्छाम्यहं त्वत्तस्तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - "हे धर्मज्ञों में श्रेष्ठ पितामह! पतिव्रता स्त्रियों के सदाचार का स्वरूप क्या है? मैं आपसे यह सुनना चाहता हूँ। कृपा करके मुझे बताइए।" ॥1॥
 
Yudhishthira asked, "O Grandfather, the best among all the religious scholars! What is the nature of the good conduct of virtuous women? I want to hear this from you. Please tell me." ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)