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श्लोक  13.127.6 
तपसा महदाप्नोति विद्यया चेति न: श्रुतम्।
तपसैव चापनुदेद् यच्चान्यदपि दुष्कृतम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मैंने सुना है कि मनुष्य तप और ज्ञान दोनों से महान पद प्राप्त करता है। तप के द्वारा वह अन्य पापों से भी छुटकारा पा सकता है।
 
I have heard that a man achieves great status through both penance and knowledge. He can also get rid of other sins through penance. 6.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)