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अकर्ता चैव कर्ता च लभते यस्य यादृशम्।
यदि चोर्ध्वं यद्यधो वा स्वाँल्लोकानभियास्यति॥ १४॥
अनुवाद
मनुष्य दान दे या न दे, चाहे वह उच्च लोक में रहे या निम्न लोक में, जो अपने कर्मानुसार जिस लोक को प्राप्त होता है, वह उसी लोक में जाएगा।
‘Whether a man gives charity or not, whether he lives in the higher world or the lower world, whoever gets whatever world according to his karma, he will go to that world only.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥