Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.127.11: जो ज्ञानवान और तपस्वी हैं, वे पूजनीय हैं और जो दान देते हैं, वे भी इस लोक में धन और परलोक में सुख पाते हैं॥11॥ | mahabharat अध्याय 13.127: व्यास-मैत्रेय-संवाद—तपकी प्रशंसा तथा गृहस्थके उत्तम कर्तव्यका निर्देश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे पूज्या: श्रुतधनास्तथैव च तपस्विन:।
दानप्रदा: सुखं प्रेत्य प्राप्नुवन्तीह च श्रियम्॥ ११॥
अनुवाद
जो ज्ञानवान और तपस्वी हैं, वे पूजनीय हैं और जो दान देते हैं, वे भी इस लोक में धन और परलोक में सुख पाते हैं॥11॥
Those who are rich in knowledge and ascetics are worthy of worship. And those who give charity also get wealth in this world and happiness in the next.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥