Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.126.2: मैत्रेयजी बोले - हे मुनि! आप जो कहते हैं, वह ठीक है, इसमें कोई संदेह नहीं है। प्रभु! यदि आपकी अनुमति हो, तो मैं कुछ कहूँ॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 13.126: व्यास-मैत्रेय-संवाद—विद्वान् एवं सदाचारी ब्राह्मणको अन्नदानकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 126: व्यास-मैत्रेय-संवाद—विद्वान् एवं सदाचारी ब्राह्मणको अन्नदानकी प्रशंसा  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  13.126.2 
मैत्रेय उवाच
असंशयं महाप्राज्ञ यथैवात्थ तथैव तत्।
अनुज्ञातश्च भवता किंचिद् ब्रूयामहं विभो॥ २॥
 
 
अनुवाद
मैत्रेयजी बोले - हे मुनि! आप जो कहते हैं, वह ठीक है, इसमें कोई संदेह नहीं है। प्रभु! यदि आपकी अनुमति हो, तो मैं कुछ कहूँ॥ 2॥
 
Maitreya said—O great sage! It is exactly what you say, there is no doubt about it. Lord! If you permit, I will say something.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)