Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.126.16: जो ब्राह्मण शुद्ध कुल में उत्पन्न हुए हैं, निरन्तर तपस्या में लगे रहते हैं, बहुत दानशील हैं और सुशिक्षित हैं, वे ही सदा पूजनीय माने गए हैं। 16॥ | mahabharat अध्याय 13.126: व्यास-मैत्रेय-संवाद—विद्वान् एवं सदाचारी ब्राह्मणको अन्नदानकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये योनिशुद्धा: सततं तपस्यभिरता भृशम्।
दानाध्ययनसम्पन्नास्ते वै पूज्यतमा: सदा॥ १६॥
अनुवाद
जो ब्राह्मण शुद्ध कुल में उत्पन्न हुए हैं, निरन्तर तपस्या में लगे रहते हैं, बहुत दानशील हैं और सुशिक्षित हैं, वे ही सदा पूजनीय माने गए हैं। 16॥
Only those Brahmins who are born in a pure family, are constantly engaged in penance, are very charitable and are well-educated, have always been considered worthy of worship. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥