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श्लोक  13.124.8 
ततस्तं ब्राह्मणं दृष्ट्वा पुनरेव महायशा:।
आजगाम महाप्राज्ञ: कृष्णद्वैपायनस्तदा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उन्हें यह ज्ञात हो गया कि वे ब्राह्मण हैं और महान विद्वान श्री कृष्णद्वैपायन व्यास पुनः उनके पास आये ॥8॥
 
He realized that he was a Brahmin and the great learned sage Shri Krishnadvaipayana Vyas came to him again. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)