Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.123.8-9h: व्यासजी की यह बात सुनकर कीट ने 'बहुत अच्छा' कहकर उनकी आज्ञा स्वीकार कर ली और बीच रास्ते में ही रुक गया। तभी अचानक एक बड़ी गाड़ी वहाँ आ पहुँची और कीट उसके पहिये से कुचलकर मर गया। | mahabharat अध्याय 13.123: कीड़ेका क्रमश: क्षत्रिययोनिमें जन्म लेकर व्यासजीका दर्शन करना और व्यासजीका उसे ब्राह्मण होने तथा स्वर्गसुख और अक्षय सुखकी प्राप्ति होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यासजी की यह बात सुनकर कीट ने 'बहुत अच्छा' कहकर उनकी आज्ञा स्वीकार कर ली और बीच रास्ते में ही रुक गया। तभी अचानक एक बड़ी गाड़ी वहाँ आ पहुँची और कीट उसके पहिये से कुचलकर मर गया।
On hearing Vyasa speak in this manner, the insect accepted his command saying 'very well' and stopped in the middle of the road. Just then, the huge cart suddenly arrived there and the insect was crushed to pieces by its wheel and died.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥