Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.123.18: हे महामुनि! आपको मेरा नमस्कार है। कृपया मुझे आज्ञा दीजिए कि मैं आपकी क्या सेवा करूँ। आपकी तपस्या के फलस्वरूप ही मुझे राजा का पद प्राप्त हुआ है॥18॥ | mahabharat अध्याय 13.123: कीड़ेका क्रमश: क्षत्रिययोनिमें जन्म लेकर व्यासजीका दर्शन करना और व्यासजीका उसे ब्राह्मण होने तथा स्वर्गसुख और अक्षय सुखकी प्राप्ति होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महामुनि! आपको मेरा नमस्कार है। कृपया मुझे आज्ञा दीजिए कि मैं आपकी क्या सेवा करूँ। आपकी तपस्या के फलस्वरूप ही मुझे राजा का पद प्राप्त हुआ है॥18॥
O great sage! My salutations to you. Please command me as to what service I may render to you. It is only due to your austerity that I have been given the position of king.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥