Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.123.11: यह याद करते हुए कि कैसे उसने सत्यवादी ऋषि वेदव्यास के साथ बातचीत करके अपने कीट जीवन में प्रगति की थी, क्षत्रिय ने अपने हाथ जोड़े और अपना सिर ऋषि के चरणों में रख दिया। | mahabharat अध्याय 13.123: कीड़ेका क्रमश: क्षत्रिययोनिमें जन्म लेकर व्यासजीका दर्शन करना और व्यासजीका उसे ब्राह्मण होने तथा स्वर्गसुख और अक्षय सुखकी प्राप्ति होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह याद करते हुए कि कैसे उसने सत्यवादी ऋषि वेदव्यास के साथ बातचीत करके अपने कीट जीवन में प्रगति की थी, क्षत्रिय ने अपने हाथ जोड़े और अपना सिर ऋषि के चरणों में रख दिया।
Remembering how he had progressed in his insect life by conversing with the truthful sage Vedavyasa, the Kshatriya folded his hands and placed his head at the sage's feet.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥