Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.122.7: बहुत समय पहले की बात है, ब्रह्मस्वरूप श्री कृष्ण द्वैपायन ब्राह्मण व्यास कहीं जा रहे थे। उन्होंने एक कीड़े को गाड़ी के पटरी पर बहुत तेजी से दौड़ते देखा। | mahabharat अध्याय 13.122: शुभ कर्मसे एक कीडे़को पूर्व-जन्मकी स्मृति होना और कीट-योनिमें भी मृत्युका भय एवं सुखकी अनुभूति बताकर कीड़ेका अपने कल्याणका उपाय पूछना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत समय पहले की बात है, ब्रह्मस्वरूप श्री कृष्ण द्वैपायन ब्राह्मण व्यास कहीं जा रहे थे। उन्होंने एक कीड़े को गाड़ी के पटरी पर बहुत तेजी से दौड़ते देखा।
It happened long ago, Brahmaswarupa Shri Krishna Dwaipayana Brahmin Vyasa was going somewhere. He saw an insect running very fast along the track of a cart. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥