Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.121.26: राजा! इस जन्म में मारा गया प्राणी अगले जन्म में अपने मारने वाले को ही मारता है। फिर अपने खाने वाले को भी मारता है। जो दूसरों की निन्दा करता है, वह स्वयं दूसरों के क्रोध और घृणा का पात्र बनता है॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 13.121: मांस न खानेसे लाभ और अहिंसाधर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! इस जन्म में मारा गया प्राणी अगले जन्म में अपने मारने वाले को ही मारता है। फिर अपने खाने वाले को भी मारता है। जो दूसरों की निन्दा करता है, वह स्वयं दूसरों के क्रोध और घृणा का पात्र बनता है॥ 26॥
King! The creature which is killed in this birth always kills its killer in the next birth. Then it kills the one who eats it. The one who criticizes others, he himself becomes the object of others' anger and hatred.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥