Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.121.15: जो दूसरों को भय से मुक्त करता है, वह न तो जंगली पशुओं द्वारा मारा जाता है, न ही दैत्यों और राक्षसों द्वारा। जब भय का अवसर आता है, तो वह उससे मुक्त हो जाता है॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 13.121: मांस न खानेसे लाभ और अहिंसाधर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नैैनं ब्यालमृगा घ्नन्ति न पिशाचा न राक्षसा:।
मुच्यते भयकालेषु मोक्षयेद् यो भये परान्॥ १५॥
अनुवाद
जो दूसरों को भय से मुक्त करता है, वह न तो जंगली पशुओं द्वारा मारा जाता है, न ही दैत्यों और राक्षसों द्वारा। जब भय का अवसर आता है, तो वह उससे मुक्त हो जाता है॥ 15॥
He who frees others from fear is neither killed by wild animals nor by devils and demons. When the occasion of fear comes, he becomes free from it.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥