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mahabharat 13.120.62: सत्य बोलो, झूठ मत बोलो, सत्य ही सनातन धर्म है। सत्य के प्रभाव से ही राजा हरिश्चंद्र चंद्रमा के समान आकाश में विचरण करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.120.62 
सत्यं वदत मासत्यं सत्यं धर्म: सनातन:।
हरिश्चन्द्रश्चरति वै दिवि सत्येन चन्द्रवत्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
सत्य बोलो, झूठ मत बोलो, सत्य ही सनातन धर्म है। सत्य के प्रभाव से ही राजा हरिश्चंद्र चंद्रमा के समान आकाश में विचरण करते हैं।
 
Speak the truth, do not lie, truth is the eternal religion. Due to the influence of truth, King Harishchandra moves in the sky like the moon. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)