Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.120.6: जो महात्मा सुन्दर रूप, उत्तम आकृति, पूर्ण आयु, उत्तम बुद्धि, सात्विकता, बल और स्मरण शक्ति प्राप्त करना चाहते थे, उन्होंने हिंसा का पूर्णतः त्याग कर दिया था। | mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो महात्मा सुन्दर रूप, उत्तम आकृति, पूर्ण आयु, उत्तम बुद्धि, सात्विकता, बल और स्मरण शक्ति प्राप्त करना चाहते थे, उन्होंने हिंसा का पूर्णतः त्याग कर दिया था।
Those great souls who wanted to attain beautiful appearance, perfect figure, full life, good intellect, goodness, strength and memory, had completely renounced violence.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥