Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.120.57: जो मनुष्य एक मास या एक पखवाड़े तक मांसाहार का त्याग कर देते हैं, वे हिंसा से दूर रहने वाले मनुष्य ब्रह्मलोक को प्राप्त होते हैं (और जो कभी मांस नहीं खाते, उनके लाभ की कोई सीमा नहीं है) ॥57॥ | mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य एक मास या एक पखवाड़े तक मांसाहार का त्याग कर देते हैं, वे हिंसा से दूर रहने वाले मनुष्य ब्रह्मलोक को प्राप्त होते हैं (और जो कभी मांस नहीं खाते, उनके लाभ की कोई सीमा नहीं है) ॥57॥
Those who give up eating meat for one month or one fortnight at a time, those human beings who stay away from violence, attain Brahmaloka (and for those who never eat meat, their benefits have no limit). ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥