Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.120.41: ‘जो धर्म सुवर्ण, गौ और भूमि दान करने से प्राप्त होता है, वह मांसाहार न करने से प्राप्त होने वाले धर्म से श्रेष्ठ है, ऐसा हमने सुना है॥ 41॥ | mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हिरण्यदानैर्गोदानैर्भूमिदानैश्च सर्वश:।
मांसस्याभक्षणे धर्मो विशिष्ट इति न: श्रुति:॥ ४१॥
अनुवाद
‘जो धर्म सुवर्ण, गौ और भूमि दान करने से प्राप्त होता है, वह मांसाहार न करने से प्राप्त होने वाले धर्म से श्रेष्ठ है, ऐसा हमने सुना है॥ 41॥
‘The Dharma that is attained by donating gold, cows and land is superior to the Dharma that is attained by not eating meat. We have heard of this.॥ 41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥