Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.120.35: नियमबद्ध महर्षियों ने कहा है कि मांसाहार का त्याग ही धन, यश, आयु और स्वर्ग प्राप्ति का प्रधान साधन तथा परम कल्याण का साधन है ॥ 35॥ | mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नियमबद्ध महर्षियों ने कहा है कि मांसाहार का त्याग ही धन, यश, आयु और स्वर्ग प्राप्ति का प्रधान साधन तथा परम कल्याण का साधन है ॥ 35॥
The great sages who are bound by rules have said that giving up meat-eating is the chief means of attaining wealth, fame, long life and heaven, and the means of ultimate welfare. ॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥