Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.120.19: इस प्रकार बुद्धिमान पुरुष अहिंसारूप परम धर्म की प्रशंसा करते हैं। जैसे मनुष्य को अपना प्राण प्रिय होता है, वैसे ही सब प्राणियों को अपना प्राण प्रिय होता है॥19॥ | mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार बुद्धिमान पुरुष अहिंसारूप परम धर्म की प्रशंसा करते हैं। जैसे मनुष्य को अपना प्राण प्रिय होता है, वैसे ही सब प्राणियों को अपना प्राण प्रिय होता है॥19॥
In this way, wise men praise the supreme religion of non-violence. Just as a man loves his life, in the same way all creatures love their lives.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥