vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 12: कृतघ्नकी गति और प्रायश्चित्तका वर्णन तथा स्त्री-पुरुषके संयोगमें स्त्रीको ही अधिक सुख होनेके सम्बन्धमें भंगास्वनका उपाख्यान
»
श्लोक d8
श्लोक
13.12.d8
तस्मिन् पतति वर्षे तु शीतवातसमन्विते।
विशीर्णध्वस्तशिखरो वल्मीकोऽशनिताडित:॥
अनुवाद
ठंड और हवा के साथ भारी बारिश हो रही थी, तभी वाल्मीकि (बांस का पेड़) का शीर्ष बिजली की चपेट में आ गया और टुकड़े-टुकड़े हो गया।
It was raining heavily with cold and wind, when the top of the Valmiki (bamboo tree) got struck by lightning and broke into pieces.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×